UPSC इंटरव्यू तक पहुंचना लाखों युवाओं का सपना होता है…
लेकिन मिथिलेश देसाई ने उस मोड़ पर एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।
उन्होंने नौकरी की दौड़ छोड़कर खेती को चुना…
और आज वही फैसला उन्हें सालाना 95 लाख रुपये तक पहुंचा चुका है।
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UPSC से खेती की ओर बड़ा फैसला
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के रहने वाले मिथिलेश देसाई ने
महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
- 2 साल दिल्ली में UPSC की तैयारी
- साल 2016 में दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे
- लेकिन फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ
👉 यहीं उन्होंने सोचा:
“मेरी असली ताकत ऑफिस में नहीं, खेत में है”
लोगों ने कहा “पागल”, बैंक ने लोन ठुकराया
जब उन्होंने खेती का रास्ता चुना, तब:
- रिश्तेदारों ने मजाक उड़ाया
- पड़ोसियों ने कहा “गलत फैसला है”
- बैंक ने ₹25 लाख का लोन तक reject कर दिया
👉 कारण: कटहल को कोई serious business नहीं मानता था
रिसर्च और मेहनत ने बदल दी किस्मत
मिथिलेश ने हार नहीं मानी:
- पूरे भारत में यात्रा की
- International seminars attend किए
- कटहल की 128 global varieties पर research
👉 आज:
- 5 एकड़ जमीन
- 88+ किस्मों की खेती
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Value Addition से बना बिजनेस मॉडल
सिर्फ खेती नहीं, उन्होंने smart business बनाया:
👉 5–10 रुपये का कटहल → 1000 रुपये के products
उनके products:
- Vegan meat
- Burger patties
- Chips
- Jackfruit powder (diabetes use)
- Animal feed
👉 Brand: Jackfruitking Agro
आज 95 लाख का टर्नओवर
- सालाना टर्नओवर: ₹95 लाख
- 35,000+ grafted plants supply
- 1000+ किसानों से network
👉 उनका लक्ष्य:
भारत को Jackfruit export में global leader बनाना
📚 MPPSC / UPSC Aspirants के लिए सीख
इस कहानी से बड़ा lesson मिलता है:
- हर सफलता IAS बनना नहीं होती
- Skill के अनुसार career चुनना जरूरी है
- Risk लेने वालों को ही बड़ा result मिलता है
👉 “सफलता वही है जिसमें आप अपनी असली क्षमता पहचानें”
मिथिलेश देसाई ने साबित किया कि
अगर सोच अलग हो, तो खेती भी करोड़ों का बिजनेस बन सकती है।
शहर बदला, सोच बदली—MPPSC Rank -1 Divyanshu Shekhare की असली तैयारी