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MPPSC success story

MPPSC Success Story: पहले अटेम्प्ट की 1 बड़ी गलती सुधारी, बिना कोचिंग हासिल किया डिप्टी कलेक्टर का पद

(हर्षिता जैन, MPPSC 2024 रैंक 5, के Exclusive Interview से सीखिए वो स्ट्रेटजी जो बदल देगी आपकी तैयारी)

MPPSC का सफर अक्सर एक अकेली लड़ाई जैसा लगता है। किताबों के ढेर, अनिश्चितता का डर और असफलता का साया… लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो इस सफर में सबसे ज्यादा टूटते हैं, वही सबसे मजबूत बनकर निकलते हैं?

हर्षिता जैन की कहानी भी ऐसी ही है। पहले अटेम्प्ट में असफलता, गहरा आत्म-विश्लेषण, और फिर अगले ही साल डिप्टी कलेक्टर बनकर दिखाया।

‘इंडियन एस्पिरेंट शो’ के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपनी पूरी जर्नी और स्ट्रेटजी बिना किसी नकल के शेयर की। यहां है उनकी जुबानी, वो सबक जो हर MPPSC एस्पिरेंट के लिए जीवन बदलने वाले साबित हो सकते हैं।

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1. वो शुरुआती गलती जो बदल देगी आपकी सोच

हर्षिता ने बताया कि पहले अटेम्प्ट में सबसे बड़ी गलती थी – “पहले प्रीलिम्स निकाल लेते हैं, फिर मेंस पढ़ेंगे” वाली सोच।

उनकी सीख: “प्रीलिम्स 2-3 महीने में कवर हो सकता है, लेकिन मेंस का विशाल सिलेबस और आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस रातोंरात नहीं होती। शुरू से ही मेंस के नोट्स बनाने शुरू कर दो।

2. जादुई हथियार: ‘How to make short notes for MPPSC’

दूसरे अटेम्प्ट में हर्षिता ने सबसे पहले यही किया। हर यूनिट के शॉर्ट नोट्स (सिनॉप्सिस) बनाए।

प्रैक्टिकल उदाहरण: “हेल्थ” के रोगों के टॉपिक को, जो एक मोटी किताब घेरता था, उसे एक टेबल बनाकर सिर्फ 6 पेज में समेट दिया!

उनका मंत्र: “जब शॉर्ट नोट्स तैयार हो गए, तो मैं एक दिन में 2-3 यूनिट्स का रिवीजन कर लेती थी। मेंस अब डरावना नहीं रहा।”

💡 हर्षिता स्टाइल में शॉर्ट नोट्स बनाने का तरीका:

  • कीवर्ड्स पर फोकस करो।
  • फ्लो-चार्ट और टेबल बनाओ।
  • जो बार-बार भूलता है (आंकड़े, फैक्ट्स), सिर्फ उसे लिखो।
  • अलग-अलग रंग के पेन इस्तेमाल करो।

3. प्रीलिम्स क्रैक करने का अंतिम मंत्र: “क्वेश्चन बैंक है भगवान”

हर्षिता कहती हैं, प्रीलिम्स सिर्फ नॉलेज नहीं, ऑप्शन एलिमिनेशन का खेल है।

उनकी स्ट्रेटजी: “जितने ज्यादा क्वेश्चन सॉल्व करोगे, उतना ही दिमाग सही गलत ऑप्शन पहचानना सीख जाएगा। लिमिटेड सोर्सेज चुनो और उन्हें ही बार-बार दोहराओ।”

📚 उनके द्वारा बताए गए सोर्स:

  • MP GK: परीक्षा धाम (बहुत कम्प्रिहेंसिव और रोचक)
  • इतिहास/भूगोल: आकांक्षा के नोट्स या कोई एक कोचिंग मटीरियल
  • जनजाति (यूनिट-10): निर्माण नोट्स
  • करंट अफेयर्स: परीक्षा धाम या स्पीडी

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4. मेंस की लड़ाई: स्पीड और प्रेजेंटेशन ही राज है

यहाँ हर्षिता ने जो टिप्स दीं, वो सोने जैसी हैं:

  • 2 मार्कर: फैक्ट्स और फ्लो-चार्ट दो। कम से कम 3 पॉइंट्स लिखने की कोशिश करो।
  • 7 मार्कर: हर आंसर को यूनिक बनाओ। इंट्रो-कंक्लूजन छोटा रखो, मेन कंटेंट पर फोकस करो। करंट अफेयर्स जोड़ने से मार्क्स बढ़ते हैं।
  • 10 मार्कर: इंट्रो-कंक्लूजन बेहतरीन हो। एक मुख्य फ्लो-चार्ट जरूर बनाओ। अहम लाइन्स अंडरलाइन करो।

गोल्डन टिप: “अगर घर पर लिखने की अनुशासन नहीं है, तो किसी अच्छी टेस्ट सीरीज को ज्वाइन कर लो। कंपटीशन और फीडबैक सब कुछ बदल देता है।”

5. इंटरव्यू का राज: आपका DAF ही है आपकी ‘जन्म कुंडली’

MPPSC 2024 rank 5 Harshita Jain interview आपके व्यक्तित्व का टेस्ट है।

उनका सीक्रेट: “सबसे ज्यादा फोकस अपने डीएएफ (DAF) पर दो। उसमें लिखी हर हॉबी, एक्टिविटी और उपलब्धि से सवाल पूछे जा सकते हैं।”

उन्होंने अपनी डिबेटिंग स्किल और मंच कला का फायदा यहाँ बखूबी उठाया और पैनल को इंप्रेस किया।

🤖 स्मार्ट टिप: अपना DAF चैटजीपीटी को दो और पूछो – “इससे किस तरह के इंटरव्यू क्वेश्चन्स बन सकते हैं?” यह एक बेहतरीन प्रैक्टिस टूल है।

6. मन की लड़ाई: एंग्जाइटी और स्क्रीन टाइम को हराओ

एग्जाम के वक्त घबराहट होती ही है। हर्षिता का तरीका:

  • सुबह मेडिटेशन और योग।
  • तनाव होने पर स्वामी प्रेमानंद या श्री श्री रविशंकर के प्रवचन सुनना।
  • स्क्रीन टाइम प्रोडक्टिव बनाना – करंट अफेयर्स पढ़ो, बेवजह रील्स स्क्रॉल नहीं।

उनकी सलाह: “सोशल मीडिया के हर ऐप पर टाइमर लगा दो। जब समय पूरा होगा, अपने आप छोड़ दोगे।”

7. हर्षिता के तीन सफलता मंत्र, जो हर एस्पिरेंट को याद रखने चाहिए:

  1. परिश्रम: बिना ईमानदार मेहनत कुछ नहीं मिलता।
  2. धैर्य: ये सफर लंबा है। हार मत मानो, चाहे कितनी भी बार असफलता क्यों न मिले।
  3. सतत प्रयास: लगातारता ही कुंजी है। एक दिन ऐसा आएगा जब बिना पढ़े आपको बुरा लगेगा।

हर्षिता का लाखों अभ्यर्थियों के नाम अंतिम संदेश:

“लगे रहो, डटे रहो। एक दिन आपकी खामोश मेहनत शोर मचाएगी। याद रखो, MPPSC सिर्फ एक पड़ाव है, आपकी पूरी जिंदगी नहीं। इस दौरान जो अनुशासन, धैर्य और सीख मिलेगी, वो आपको असली दुनिया में भी आगे बढ़ाएगी।”

क्या आपके मन में हर्षिता जी से कोई सवाल है? नीचे कमेंट में जरूर पूछें!

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