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MPPSC preparation time waste

MPPSC Preparation Time Waste: 12 घंटे पढ़कर भी क्यों नहीं होता सिलेक्शन? वो 3 ‘छिपी हुई’ गलतियां जो आपका पूरा साल बर्बाद कर रही हैं!

लेखक: Gaurav Gautam
शिक्षा विश्लेषक | MPPSC

शुरुआत: मेहनत बहुत, नतीजा कम

MPPSC की तैयारी करने वाले ज़्यादातर छात्र यह महसूस करते हैं कि दिन का बड़ा हिस्सा पढ़ाई में चला जाता है,
फिर भी जब mock test या self-check करते हैं तो परिणाम उम्मीद से कम रहते हैं।

यहीं से मन में यह सवाल आता है —
“इतना समय जा कहाँ रहा है?”

यह सवाल कमजोर नहीं, बल्कि serious aspirants का होता है।

MPPSC Students Confidence : इतनी पढ़ाई के बाद भी MPPSC छात्रों को confidence क्यों नहीं आता?

यह समस्या अभी क्यों गंभीर बन गई है?

आज MPPSC aspirants के सामने:

content की भरमार है

हर subject के multiple sources हैं
रोज़ नई strategy सामने आती है
इस वजह से तैयारी का समय productive कम और reactive ज़्यादा हो गया है।
छात्र पढ़ाई कर रहा है, लेकिन दिशा साफ नहीं है।

विशेषज्ञ विश्लेषण: समय बर्बाद होने की 3 सबसे बड़ी जगह

1️. बार-बार strategy बदलना

हर कुछ हफ्तों में:

नया timetable
नया source
नया तरीका
इस process में actual learning पीछे छूट जाती है
Strategy बदलने से satisfaction मिलता है, progress नहीं।

2️. पढ़ने और समझने में फर्क न कर पाना

बहुत समय ऐसे topics पर चला जाता है:

जो exam-relevant नहीं हैं

या बार-बार already known content पर
पढ़ाई चलती रहती है, लेकिन exam perspective से growth नहीं होती

3️. Review और analysis को टालना

ज़्यादातर छात्र:

पढ़ लेते हैं
test दे देते हैं
लेकिन analysis नहीं करते
यही सबसे महँगा time-loss है।
बिना review के आगे बढ़ना, उसी गलती को दोहराने जैसा है।

एक आम भ्रम जो समय बर्बाद कराता है

भ्रम:

“ज्यादा घंटे पढ़ने से selection के chances बढ़ते हैं।”

हकीकत:

MPPSC जैसी परीक्षाओं में
घंटे नहीं, दिशा matter करती है।
जो छात्र कम समय में सही चीज़ बार-बार revise करते हैं,
वे ज़्यादा stable preparation बना पाते हैं।

पिछले वर्षों के trend क्या संकेत देते हैं?

Preparation pattern देखने पर एक बात साफ दिखती है:

Selected candidates:

limited resources रखते हैं

same notes multiple times revise करते हैं

हर test से एक clear lesson निकालते हैं

यानी उनका समय repeat learning पर लगता है,
experiment पर नहीं।

अब छात्रों को क्या करना चाहिए?

 क्या करें

एक subject के लिए एक primary source तय करें

हर study session के अंत में 10 मिनट review

Weekly यह देखें कि समय कहाँ जा रहा है

 क्या न करें

हर topper की strategy copy

बिना analysis लगातार पढ़ते रहना

बार-बार notes बदलना

भरोसे का संकेत

यह विश्लेषण आधिकारिक परीक्षा ढांचे,
अभ्यर्थियों के अनुभव और पिछले वर्षों की तैयारी प्रवृत्तियों पर आधारित है।

Author Bio

Gaurav Gautam प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े विषयों पर
विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। यह लेख आधिकारिक सूचनाओं और
पिछले परीक्षा रुझानों पर आधारित है।

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