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क्या आप जानते हैं? चौधरी चरण सिंह भारत के 5वें प्रधानमंत्री थे — और कभी विश्वास मत नहीं जीता

Chaudhary Charan Singh Jayanti | National Farmers Day Hindi

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, महान किसान नेता और भारत रत्न से सम्मानित चौधरी चरण सिंह की जयंती हर वर्ष 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस (National Farmers Day) के रूप में मनाई जाती है। यह दिन केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि उस विचारधारा का सम्मान है जिसने किसान को राष्ट्र निर्माण का केंद्र माना।

परिचय: किसान दिवस क्यों महत्वपूर्ण है?

चौधरी चरण सिंह जयंती पर मनाया जाने वाला National Farmers Day भारत के अन्नदाताओं को सम्मान देने का दिन है।
आज जब खेती संकट, कर्ज़ और बाज़ार के दबाव से गुजर रही है, तब Chaudhary Charan Singh farmers leader के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

चौधरी चरण सिंह कौन थे? (Who was Chaudhary Charan Singh)

चौधरी चरण सिंह:

  • भारत के 5वें प्रधानमंत्री
  • उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
  • ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार के प्रमुख सूत्रधार
  • किसानों के अधिकारों की राजनीति के सबसे बड़े स्तंभ

उनका मानना था:

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“भारत की प्रगति का रास्ता खेतों से होकर गुजरता है।”

इसी सोच ने उन्हें किसानों का मसीहा बनाया।

चौधरी चरण सिंह भारत के कौन से प्रधानमंत्री थे? (UPSC FACT)

चौधरी चरण सिंह
👉 भारत के 5वें प्रधानमंत्री थे।

  • 📌 कार्यकाल:
    28 जुलाई 1979 – 14 जनवरी 1980
  • 📌 कार्यकाल अवधि: लगभग 170 दिन (सबसे छोटे कार्यकालों में से एक)
  • 📌 पार्टी: जनता पार्टी (सेक्युलर)

👉 यह सवाल UPSC/PCS में सीधे factual MCQ के रूप में पूछा जा सकता है।

चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री कैसे बने? (HOW he became PM)

यह हिस्सा Indian Polity + Post-Emergency Politics से जुड़ा है।

🔹 Background (Context):

  • 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी
  • मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने
  • आंतरिक मतभेद और नेतृत्व संघर्ष बढ़ा

🔹 सत्ता परिवर्तन:

  • मोरारजी देसाई के इस्तीफे के बाद
  • जनता पार्टी टूट गई
  • चरण सिंह ने अलग गुट बनाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया

👉 राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

संसद में बहुमत क्यों साबित नहीं कर पाए?

यह UPSC Polity का बहुत महत्वपूर्ण point है।

  • चरण सिंह को कांग्रेस (इंदिरा गांधी) का बाहरी समर्थन मिला
  • बाद में कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया
  • इससे पहले कि वे लोकसभा में विश्वास मत (Floor Test) दे पाते,
    उन्होंने इस्तीफा दे दिया

👉 इसलिए:

चौधरी चरण सिंह ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने संसद में कभी विश्वास मत नहीं जीता।

UPSC / PCS EXAM POINTS (VERY IMPORTANT)

✔️ One-Liners (Prelims Ready)

  • चौधरी चरण सिंह भारत के 5वें प्रधानमंत्री थे
  • उनका कार्यकाल 1979–80 रहा
  • वे बिना विश्वास मत जीते इस्तीफा देने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री थे
  • उन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है
  • 2024 में उन्हें भारत रत्न (मरणोपरांत) दिया गया

Mains Answer Angle (Use this)

Question (Probable):
“चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक विचार और भारतीय कृषि नीति में उनका योगदान स्पष्ट कीजिए।”

Structure:

  • किसान-केंद्रित विकास मॉडल
  • भूमि सुधार
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता
  • शहरी-औद्योगिक bias का विरोध

Polity + Ethics Connection (High Value)

  • सत्ता के बावजूद सिद्धांतों से समझौता नहीं
  • बहुमत नहीं होने पर कुर्सी छोड़ना
  • प्रशासनिक ईमानदारी (35 रुपये रिश्वत प्रकरण)

👉 यह Ethics GS-IV में example बन सकता है।

UPSC TAKEAWAY

चौधरी चरण सिंह केवल प्रधानमंत्री नहीं थे,
वे भारतीय राजनीति में कृषि-आधारित विकास दर्शन के सबसे बड़े प्रवक्ता थे।

किसानों के लिए समर्पित जीवन

Chaudhary Charan Singh farmer welfare उनकी राजनीति का मूल था।
उन्होंने:

  • किसानों को जमीन का मालिक बनाने के लिए कानून बनाए
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उद्योग से अधिक महत्व दिया
  • छोटे और सीमांत किसानों की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाया

उनकी नीतियाँ गांव, गरीब और किसान के इर्द-गिर्द केंद्रित रहीं।

‘35 रुपये रिश्वत’ की कहानी: ईमानदारी की मिसाल

चौधरी चरण सिंह की ईमानदारी की एक प्रसिद्ध घटना आज भी प्रेरणा देती है।
जब एक किसान से अंगूठा लगाने के बदले रिश्वत मांगी गई, तो चौधरी साहब ने:

  • अपनी जेब से कागज़ निकाला
  • उस पर लिखा: “प्रधानमंत्री, भारत सरकार”
  • और पूरा थाना सस्पेंड कर दिया

यह घटना बताती है कि शक्ति नहीं, चरित्र शासन करता है।

राष्ट्रीय किसान दिवस का उद्देश्य

National Farmers Day India का उद्देश्य:

  • किसानों के योगदान को सम्मान देना
  • कृषि समस्याओं पर राष्ट्रीय संवाद
  • युवाओं को खेती से जोड़ना
  • चौधरी चरण सिंह के विचारों को जीवित रखना

योगी आदित्यनाथ द्वारा श्रद्धांजलि (Current Context)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौधरी चरण सिंह जयंती पर कहा कि:

“चौधरी साहब का संपूर्ण जीवन गांव, गरीब, शोषित, वंचित और किसान बंधुओं की समृद्धि में समर्पित रहा।”

यह बयान Chaudhary Charan Singh Jayanti news को वर्तमान संदर्भ से जोड़ता है।

चौधरी चरण सिंह आज भी प्रासंगिक क्यों हैं?

आज के संदर्भ में:

  • MSP बहस
  • किसान आंदोलन
  • ग्रामीण बेरोज़गारी
  • कृषि सुधार

इन सभी मुद्दों में Chaudhary Charan Singh ideology आज भी मार्गदर्शक है।

निष्कर्ष: किसान नहीं बचे तो राष्ट्र नहीं बचेगा

किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं थे,
वे उस भारत की आत्मा थे जो हल से इतिहास लिखता है।

उनकी जयंती पर राष्ट्रीय किसान दिवस [ National Farmers Day] मनाना तभी सार्थक होगा,
जब नीतियों में किसान सिर्फ वोट नहीं, नींव बने।

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