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Siddharth Dubey MPPSC

दिन में नौकरी, रात में पढ़ाई… 4 साल इंतजार के बाद MPPSC में मिली बड़ी सफलता Siddharth Dubey MPPSC

9 साल सोशल मीडिया से दूरी, 4 साल रिजल्ट का इंतजार… और पहले ही प्रयास में मिली बड़ी सफलता

MPPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाना आसान नहीं होता। कई उम्मीदवार वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन सफलता हर किसी को नहीं मिलती।

सागर जिले के सिद्धार्थ दुबे ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने पहले ही प्रयास में इतिहास रच दिया। उन्होंने MPPSC परीक्षा 2022 में सफलता हासिल कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना पूरा कर लिया।

सबसे खास बात यह रही कि परीक्षा देने के बाद उन्हें लगभग 4 साल तक रिजल्ट का इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया।

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सागर के रहली से शुरू हुआ सफर

27 वर्षीय सिद्धार्थ दुबे सागर जिले के रहली के वार्ड नंबर 15 के निवासी हैं।

  • पिता – व्यापारी
  • बड़े भाई – कॉलेज में प्रोफेसर

भाई को पढ़ाते देखकर ही सिद्धार्थ के मन में प्रोफेसर बनने का सपना जागा।

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय ढाना से 12वीं तक की। इसके बाद उन्होंने:

  • B.Sc
  • B.Lib
  • M.Lib (डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर)

की पढ़ाई पूरी की।

नौकरी के साथ जारी रखी MPPSC की तैयारी

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिद्धार्थ ने MPPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

तैयारी के साथ-साथ वे रीवा में कॉलेज में अतिथि शिक्षक (Guest Faculty) के रूप में पढ़ाने भी लगे।

उनकी रणनीति साफ थी —

  • लगातार मॉक टेस्ट देना
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना
  • हर दिन निश्चित समय तक पढ़ाई करना

नौकरी के बाद बचा हुआ समय भी वे पूरी तरह पढ़ाई में लगाते थे।

9 साल पहले छोड़ दिया सोशल मीडिया

सिद्धार्थ की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण उनकी अनुशासित जीवनशैली रही।

उन्होंने 2017 से सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था

  • फेसबुक नहीं
  • इंस्टाग्राम नहीं
  • सिर्फ जरूरत के लिए व्हाट्सएप

इस फैसले ने उन्हें पूरी तरह पढ़ाई पर फोकस करने में मदद की।

होली पर मिला जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा

MPPSC परीक्षा देने के बाद सिद्धार्थ लगभग चार साल तक रिजल्ट का इंतजार करते रहे

इस दौरान उन्होंने हार नहीं मानी।

साल 2025 में NEX(T) द्वारा आयोजित परीक्षा में उनका चयन हो गया और वे धार के एक कॉलेज में लाइब्रेरियन बन गए।

इसी बीच जब वे होली की छुट्टियों में घर आए, तब उन्हें खबर मिली कि MPPSC 2022 का रिजल्ट घोषित हो गया है और उनका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हो गया है।

यह खबर उनके और उनके परिवार के लिए होली का सबसे बड़ा तोहफा बन गई।

सफलता का श्रेय परिवार और अनुशासन को

सिद्धार्थ अपनी सफलता का श्रेय देते हैं:

  • माता-पिता के समर्थन को
  • परिवार के विश्वास को
  • और अपने अनुशासित अध्ययन को

उनका मानना है कि लगातार अभ्यास, धैर्य और फोकस किसी भी कठिन परीक्षा को पास करने की सबसे बड़ी कुंजी है।

MPPSC उम्मीदवारों के लिए बड़ा संदेश

सिद्धार्थ दुबे की कहानी यह साबित करती है कि:

  • सोशल मीडिया से दूरी फोकस बढ़ाती है
  • लगातार मॉक टेस्ट और PYQ बेहद जरूरी हैं
  • रिजल्ट में देरी होने पर भी धैर्य रखना चाहिए

सही रणनीति और मेहनत के साथ पहले प्रयास में भी MPPSC जैसी परीक्षा पास की जा सकती है

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