MPPSC Pre 2026 Geography Strategy : मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न अब बदल चुका है। अब रटने वाले नहीं, बल्कि ‘नक्शा समझने वाले’ छात्र बाजी मार रहे हैं। पिछले 5 वर्षों के PYQ Trend Analysis से साफ है कि भूगोल के प्रश्न अब सीधे न होकर ‘मैप-ओरिएंटेड’ हो गए हैं।
अगर आप भी 2026 की प्रीलिम्स देने जा रहे हैं, तो यह विश्लेषण आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
MPPSC का नया ‘एग्जाम पैटर्न’ क्या है?
2018 के बाद से MPPSC ने केवल “क्या कहाँ है” पूछना बंद कर दिया है। अब आयोग “रिलेशनशिप और लोकेशन” पर फोकस कर रहा है। उदाहरण के लिए, “नर्मदा कहाँ से निकलती है?” के बजाय अब पूछा जाता है, “नर्मदा के दक्षिण में कौन सा जिला स्थित है?”
भूगोल के प्रश्नों के 3 मुख्य प्रकार:
- मैप-बेस्ड डायरेक्ट प्रश्न: सीमावर्ती जिले और भू-आकृतियां।
- कथन-आधारित (Conceptual): 2-3 वाक्यों में से सही की पहचान।
- मैच द कॉलम (Match the Column): नदी-जिला, खनिज-क्षेत्र, और उद्योग-स्थान।
इन 5 हॉट-टॉपिक्स से आते हैं सबसे ज़्यादा सवाल
पिछले वर्षों के पेपर देखने पर ये क्षेत्र ‘हाई-यील्ड’ (High-Yield) पाए गए हैं:
1. नदियों का जाल और बेसिन (Rivers)
सिर्फ उद्गम याद करना काफी नहीं है। आपको यह पता होना चाहिए:
- नर्मदा व ताप्ती: इनका बहाव और इनके किनारे बसे प्रमुख जिले।
- बेतवा, चंबल और केन: इनका यमुना/गंगा बेसिन से संबंध।
- ट्रेंड अलर्ट: अब सहायक नदियों का क्रम (पश्चिम से पूर्व) पूछा जा रहा है।
2. मध्य प्रदेश के ‘जिले’ और उनकी सीमाएं
MPPSC को जिलों से गहरा लगाव है। खासकर:
- नए बने जिले: (जैसे मऊगंज, पांढुर्णा, मैहर) इनकी सीमाएं किस राज्य या जिले को छूती हैं?
- डबल बॉर्डर: वे जिले जो दो राज्यों की सीमा को छूते हैं।
3. पर्वत और प्राकृतिक विभाजन
सतपुड़ा और विंध्य पर्वतमाला से जुड़े प्रश्न हर साल रिपीट होते हैं।
प्रो टिप: मालवा के पठार और बुंदेलखंड की मिट्टियों और वहां की फसलों का मैप के साथ अध्ययन करें।
Quick Revision Table: 2026 के लिए संभावित टॉपिक्स
| क्षेत्र (Topic) | पूछने का तरीका (Pattern) | प्राथमिकता (Priority) |
| नदी अपवाह तंत्र | उद्गम + सहायक नदियां + बांध | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| खनिज संसाधन | जिला-वार उपलब्धता (Match the Column) | ⭐⭐⭐⭐ |
| वन्यजीव अभयारण्य | नए टाइगर रिजर्व और उनकी लोकेशन | ⭐⭐⭐⭐ |
| कृषि एवं जलवायु | फसल क्षेत्र और वर्षा का वितरण | ⭐⭐⭐ |
अक्सर होने वाली गलतियाँ (Common Mistakes)
अधिकांश उम्मीदवार कथन-आधारित प्रश्नों में फंस जाते हैं।
- उदाहरण: “नर्मदा नदी गंगा बेसिन का हिस्सा है।” (यह गलत है, क्योंकि नर्मदा सीधे समुद्र में गिरती है और खुद का बेसिन बनाती है)। ऐसे छोटे-छोटे तकनीकी पॉइंट्स ही मेरिट तय करते हैं।
लास्ट-मिनट रिविजन टिप्स (2.5 महीने की रणनीति)
अगर परीक्षा नजदीक है, तो भारी-भरकम किताबों के बजाय इन 4 स्टेप्स को फॉलो करें:
- Map is Everything: ब्लैंक मैप (Blank Map) लें और खुद नदियों और जिलों को ड्रा करें।
- PYQ का पोस्टमार्टम: पिछले 10 साल के भूगोल के प्रश्नों को टॉपिक-वार हल करें।
- न्यू डिस्ट्रिक्ट अपडेट: मध्य प्रदेश के नए जिलों के गठन के बाद जो भौगोलिक बदलाव आए हैं, उन्हें नोट करें।
- रोजाना प्रैक्टिस: कम से कम 20 मैप-आधारित MCQ रोज सॉल्व करें।
MPPSC Pre 2026 में भूगोल एक ऐसा विषय है जो सही तैयारी होने पर कट-ऑफ पार कराने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। भूगोल का स्कोर ही आपको कट-ऑफ के पार ले जाएगा। याद रखिए—भूगोल याददाश्त का नहीं, बल्कि Visual Clarity (दृश्य स्पष्टता) का विषय है। जितना ज्यादा आप मैप देखेंगे, उतना ही कम आप कंफ्यूज होंगे।