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MPPSC Negative Marking

MPPSC Negative Marking: 7 गलतियाँ जो अच्छे Students भी कर रहे हैं | MPPSC 2026

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा प्रणाली में इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है।
पहली बार MPPSC में Negative Marking लागू की गई है, जिससे प्रतियोगिता का पूरा स्वरूप बदल गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उन छात्रों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है, जो अच्छी तैयारी के बावजूद गलत रणनीति अपनाते हैं।

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क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

अब तक MPPSC परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक नहीं कटते थे।
लेकिन नई व्यवस्था के तहत हर गलत उत्तर पर नकारात्मक अंक काटे जाएंगे।

इसका सीधा असर यह होगा कि:

  • ज्यादा सवाल हल करना अब सुरक्षित नहीं रहा
  • Accuracy पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है

MPPSC Negative Marking में हो रही 7 बड़ी गलतियाँ

1. Blind Guessing की आदत न छोड़ना

कई उम्मीदवार अब भी अनुमान के आधार पर उत्तर चुन रहे हैं, जैसे पहले किया जाता था।

समस्या:
Negative marking में हर गलत उत्तर, सही उत्तरों से मिले अंकों को भी कम कर देता है।

सही रणनीति:
केवल वही प्रश्न हल करें जिनमें पूर्ण स्पष्टता हो।

2. ज्यादा Attempt को बेहतर Rank से जोड़ना

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अब भी कई छात्र मानते हैं कि ज्यादा प्रश्न हल करने से चयन की संभावना बढ़ती है।

हकीकत:
नई प्रणाली में कम लेकिन सही उत्तर ज्यादा प्रभावी हैं।

3. Mock Test का सही Analysis न करना

Mock test देने के बाद अधिकांश छात्र सिर्फ score देखते हैं।

गलती:
यह नहीं देखते कि कितने अंक negative marking के कारण कटे।

क्या करें:
हर mock के बाद गलत उत्तरों का कारण और उनका विषयवार विश्लेषण करें।

4. Elimination Technique पर ध्यान न देना

पहले विकल्प हटाने की तकनीक वैकल्पिक थी, अब यह अनिवार्य हो गई है।

सुझाव:
कम से कम दो विकल्पों को तार्किक आधार पर हटाने की नियमित अभ्यास करें।

5. Static Subjects पर जरूरत से ज्यादा भरोसा

Static विषयों की अच्छी पकड़ के बावजूद कई प्रश्न current affairs से जुड़े होते हैं।

जोखिम:
आंशिक जानकारी के आधार पर उत्तर देने से negative marking बढ़ जाती है।

6. अंतिम समय में जोखिम भरे Attempt

परीक्षा के अंतिम 10–15 मिनटों में बिना सोच-विचार के प्रश्न हल करना नुकसानदायक होता है।

रणनीति:
अंतिम समय केवल revision और marking check के लिए रखें।

7. Negative Marking को मानसिक रूप से नजरअंदाज करना

सबसे बड़ी गलती यह मान लेना कि “देखा जाएगा”।

विशेषज्ञों की राय:
Negative marking औसत छात्रों को नहीं, बल्कि अच्छे छात्रों को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, क्योंकि वे अधिक attempt करते हैं।

Expert Insight (Ground Reality)

MPPSC Interview का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों के अनुसार,
परीक्षा में असफलता का कारण अक्सर ज्ञान की कमी नहीं, बल्कि गलत strategy होती है।

Negative marking के बाद बिना योजना के तैयारी करना अब संभव नहीं रहा।

अब उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए?

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  • Attempt strategy पहले से तय करें
  • Accuracy को प्राथमिकता दें
  • Mock test और analysis को नियमित बनाएं
  • Risk लेने से पहले score impact समझें

निष्कर्ष

MPPSC में Negative Marking सिर्फ एक नियम परिवर्तन नहीं है,
बल्कि यह पूरी परीक्षा रणनीति को बदलने वाला कदम है।

जो उम्मीदवार इस बदलाव को गंभीरता से समझेंगे,
वही प्रतिस्पर्धा में आगे रह पाएंगे।

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